राधे राधे तिलक लगावे संसार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान,

काहे को अभिमान बहन तोहै काहे को अभिमान......

पहली उंगली यू उठ बोली सबसे पहली मैं,

राधे राधे चक्कर दियो चलाए, बहन मोहे याही को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

दुजी उंगली यू उठ बोली सबसे बड़ी हूं मैं,

राधे राधे लिखत पढ़त मेरो काम बहन मोहे याहि को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

तीजी उंगली यू उठ बोली पूजा को मेरो काम,

राधे-राधे तिलक लगावे संसार बहन मोहे याहि को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

चौथी उंगली यू उठ बोली सबसे छोटी मैं,

राधे राधे गिरवर लियो उठाए बहन मोहे याहि को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

पांचवा अंगूठा यू उठ बोलो सरकारी मेरो पति,

राधे-राधे मोहर लगावे संसार बहन मोहे याहि को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

छोटी हथेली यू झूठ बोली सत्संग में मेरो काम,

राधे राधे ताली बजाकर संसार बहन मोहे याहि को अभिमान,

उंगली आपस में बतलाए बहने तोहै काहे को अभिमान.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।