पुड़िया सतगुरु ज्ञान की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब देवों की एक दवा,

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया मैंने मीरा को भेजी,

अमृत बना दिए घनश्याम,

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया मैंने द्रौपत को भेजि,

चीर बढ़ा दिए श्याम ने,

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया मैंने नरसी को भेजी,

भात भरा दिए श्याम ने,

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया मैंने अर्जुन को भेजी,

गीता सुना दी श्याम ने,

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया मैंने भक्तों को भेजी,

दर्शन दे दिए श्याम ने

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

यह पुड़िया में घर को लाई,

लाकर के आले में रख दी,

खुशियां भर दे श्याम ने

यह पुड़िया सतगुरु ज्ञान की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।