असी फुलावाले हार लै आये करले कबूल श्यामा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

असी फुलावाले हार लै आये करले कबूल श्यामा,

फुला विच साडे भाव समाऐ, तू करले कबूल श्यामा,

असी फुलावाले हार लै आये.....

इक इक फुल विच श्रद्धा ते प्यार ऐ,

फुला विच भगता दी भक्ति अपार है,

फुला वांग दिल खिल खिल जाए, तू करले कबूल श्यामा,

असी फुलावाले हार लै आये.....

संगता दी विनति करो कबूल जी,

संगत नु कदे प्रभु करी ना दूर जी,

जग छूटदा ऐ पावे छूट जावे, तू करले कबूल श्यामा,

असी फुलावाले हार लै आये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।