सब कृष्णा ने किया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मटकी से माखन की चोरी,

थामे सब सांसों की डोरी,

गोपी की बैयां मारोड़ी,

करदी तारो की चंदा से जोड़ी,

गोकुल में गइया चरवे,

दुनिया भी वही चलावे……

सब कृष्णा ने किया है कृष्ण ने किया है,

सब कान्हा ने किया है कान्हा ने किया है,

गोविंदा ने किया है,

सब कृष्णा ने किया है,

सब कृष्णा ने किया है………..

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे....

तुझसे कुछ कुछ शुरू है,

तुझसे चींटी की हार,

तू ही पहला गुरु है,

तू ही वेदो का सारे,

सारी लीलाये तेरे बहाने,

हम सबके घर वापीस हमको बुलाने………

नटखट सा मां को सताया,

खुदमे,, पुरा ब्राह्मण दीखाया,

बंसी पे सबको नाचाया,

गोवर्धन,, ऊँगली से अपना उठा,

देखा जो देखा नहीं है,

सबका ही करन वही है……

सब कृष्णा ने किया है कृष्ण ने किया है,

सब कान्हा ने किया है कान्हा ने किया है,

गोविंदा ने किया है,

सब कृष्णा ने किया है,

सब कृष्णा ने किया है…….

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे राम हरे राम,

राम राम हरे हरे……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।