तू विश्वास कर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

आज तक संभाला जिसने,

आगे भी संभालेगा,

आज तक संभाला जिसने,

आगे भी संभालेगा....

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर...

चाहे देर भले हो पर,

अंधेर नहीं...

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर....

माना लाखों मुसीबत है,

पर वह साथ खड़ा है,

तू मने या ना मने,

वह हर दम पास खड़ा है,

चाहे नजर भले ना आये,

चाहे नजर भले ना आये,

ऐहसास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर.....

दिखके बादल जितना भी,

चाहे सर मचाले,

ये उठती लहरें जितना भी,

चाहे जोर लगले,

बदलेंगे दिन ये तेरे,

बदलेंगे दिन ये तेरे,

इंतजार कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर.....

कियू चिंता करता है,

तू प्यारे अपने कल की,

उस दिन दुखी दुःख हर तक,

तेरी खबर है पल की,

विश्वास की पूंजी पर,

विश्वास की पूंजी पर,

एतबार कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर,

तू विश्वास कर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।