कान्हा तोहे क्या बोलूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं,

क्या बोलूं तोहे क्या बोलूं.....

एक बाप तेरो पढ़ो रे जेल में,

दूजो चरावे गाय कान्हा तोहे क्या बोलूं,

तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं......

एक मात तेरी पड़ी जेल में,

दूजी बिलोवे छाच कान्हा तोहे क्या बोलूं,

तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं......

कुंती तो तेरी बुआ रे लगत है,

वाने कुंवारी न जाए नंदलाल कान्हा तोहे क्या बोलूं,

तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं......

द्रोपति तो तेरी बहन लगत है,

वह तो 5 पतिन की नार कान्हा तोहे क्या बोलूं,

तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।