भक्तो से कह रहे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में....

तुम यह ना समझना भक्तों,

हम बिना गांव के होंगे,

अरे अयोध्या हमारा गांव,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

तुम रामलला को लाओ,

और मंदिर यही बनाओ,

अरे संतों की सुनो पुकार,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

मेरा मंदिर यहीं बनाओ,

सारे जग में खुशी मनाओ,

अरे सब बोलो जय जय कार,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

श्रीराम की ध्वनि वेदों में,

और गूंज रही घर-घर में,

अरे हर दिल की यही पुकार,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

यह कोर्ट फैसला आया,

पांचों जजों ने बांच सुनाया,

अरे तुम धीर धरो नर नार,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

सब धर्म एक ही जावे,

मंदिर की खुशी मनावे,

अरे सब बोले सीता राम,

मंदिर बने इसी नगरी में,

अरे भक्तों से कह रहे राम,

मंदिर बने इसी नगरी में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।