दुल्हन बनी है तुलसा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

दुल्हन बनी है तुलसा दुल्हन बनी है.....

आओ मेरी सखियों मुझे टीका पहना दो,

बिंदिया लगा के मुझे सुंदर सजा दो,

मांग भरेंगे शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी.....

आओ मेरी सखियों मुझे हरवा पहना दो,

नथनी पहनाकर मुझे सुंदर सजा दो,

माला पहनावे शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी.....

आओ मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो,

चूड़ियां पहना कर मुझे सुंदर सजा दो,

छल्ला पहनावे शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी.....

आओ मेरी सखियों मुझे पायल पहना दो,

महावर लगाकर मुझे सुंदर सजा दो,

संग संग नाचे शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी.....

आओ मेरी सखियों मुझे लहंगा पहना दो,

चुनरी उड़ा के मुझे सुंदर सजा दो,

घुंघटा उठामें शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी,

आज दूल्हा बने शालिग्राम तुलसा दुल्हन बनी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।