लाडली श्यामा जू रखलो मुझे बरसानें में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री हरिदास

तरज़:-अल्ला ये अदा, कैसी है ईंधन हसींनों में

लाडली श्यामा जू, रखलो मुझे बरसानें में,

मन लगता ना, मेरा ज़मानें में,

लाडली....‌..

ये जो रिश्ते हैं, सब फन्दें है,

मोह माया में, सब अन्धें है,

क्या पाप लगेगा, भुल जानें में,

लाडली....‌..

तेरी किरपा से, बन्धंन छुटा है,

तेरी करूणा से, भ्रंम टुटा है,

आनंन्द मिलेगा, बरसानें में,

लाडली....

पागल ने ये, राज़ जाना है,

धसका नें ये, पहचाना है,

मोहन भी मिलेगा, बरसानें में,

लाडली....

रचनां:-बाबा धसका पागल जी

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।