थोड़ा देता है या ज्यादा देता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है…………

हमारे पास जो कुछ भी है,

इसी की है मेहरबानी,

हमेशा भेजता रहता,

कभी दाना कभी पानी,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है…………

हमेशा भूखे उठते हैं,

कभी भूखे नहीं सोते,

भला तक़लीफ़ हो कैसी,

हमारे भोले के होते,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है………

दिया जो भोले बाबा ने,

कभी कर्जा नहीं समझा,

दयालु भोले ने हमको,

हमेशा अपना ही समझा,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है……

हमने बनवारी हरदम ही,

बड़े अधिकार से माँगा,

ख़ुशी से इसने दे डाला,

जो भी दातार से माँगा,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है…………

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता भोला देता है,

थोड़ा देता है………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
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