अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए,

सुदामा कैसे आए सुदामा कैसे आए,

अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए.....

तन्ने भारी कष्ट उठाए, तेरे पैरों पड़े हैं छाले,

अरे मैं पुछु बारम्बार सुदामा कैसे आए,

अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए.....

जब पैर सुदामा के धोये, छालों को देख कर रोए,

अरे वह तो मिल रहे भुजा पसार सुदामा कैसे आए,

अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए.....

जब आसन बीच बिठाए छत्तिशो भोग लगाएं,

अरे वह तो जीमे एक ही साथ सुदामा कैसे आए,

अरे मेरे बालापन के यार सुदामा कैसे आए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।