मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी,

मेरी दुनिया देखो बदल गयी,

मुझपे रेहमत की बरसात होने लगी,

मेरी किस्मत देखो चमक गयी,

मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी.......

श्याम जी की किरपा जो मिलती रहे,

झोलिया गरीबो की भरती रहे,

पानी से दीप जले देखो,

अंधयारी सारी हट गयी,

मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी.......

श्याम जी के चरणों में अमृत धार,

कर देती सबका उदार,

हर नईया को श्याम सुंदर पार करे,

देखो मझधार अब फिसल गयी,

मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी.......

श्रद्धा जो भक्तो की मिलती रहे,

आँखे भी श्याम की हस्ती रहे,

वो नम की रात मिलेगी सदा,

देखो अंधयारी सारी हट गयी,

मेरे श्याम की नज़रे कर्म हुयी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।