मन को सकूंन दीजिये श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन को सकूंन दीजिये, जीवन बीत जाए,

साँसे भी हो रही है कम, धड़कन थमी जाए.......

चंद समय की लोक माया, जीवन को भटकाए,

इधर उधर की बात क्या है, प्रभु शरण में जा,

पल पल मरता जा रहा, श्याम तू ही बचाये,

मन को सकूंन दीजिये, जीवन बीत जाए......

श्याम तेरी किरपा का मैं आनंद लू भरपूर,

निंद्रा घमंड आलस को पल में करदो चूर,

भूल कर संसार की बाते, मन तुझ में खो जाए,

मन को सकूंन दीजिये, जीवन बीत जाए......

मेरे पापी मन को श्याम ,करदो क्षण में मुक्त,

सब कुछ त्याग कर श्याम, बन जाऊ तेरा भक्त,

ऐसी किरपा करो ‘राहुल’ पे, तेरा ही हो जाए,

मन को सकूंन दीजिये, जीवन बीत जाए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।