साँवरे से होगा मिलन धीरे धीरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लग जाएगी लगन धीरे-धीरे,

साँवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

प्रेम दिखा दो मीरा के जैसा,

कर लो भरोसा कर्मा के जैसा,

उड़ जाएगा यह मन धीरे-धीरे,

सांवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

नन्हा सा बन के आया था हरी,

खेतों की जिसने की थी रखवारी,

खिल जाएगा चमन धीरे-धीरे,

सांवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

अर्जुन के जैसा कर लो समर्पण,

चरणों में खुद को कर ले तू अर्पण,

धड़क उठेगी अगन धीरे-धीरे,

सांवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

रस्ते में आया बनके बड़हिया,

गाड़ी सवारी और बने हैं खिवईया,

देकर यूं दर्शन चले धीरे धीरे,

सांवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

दिल को लगा ले चरणों में प्यारे,

श्याम रहेगा नित साथ तुम्हारे,

महसूस होगी चुभन धीरे-धीरे,

सांवरे से होगा मिलन धीरे धीरे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।