सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

कृष्ण जैसा बेटा चाहिए,

नाम धरूंगी बनवारी, मोहे कुछ ना चाहिए,

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

राधा जैसी बहुअल चाहिए,

सेवा करें हमारी, मोहे कुछ ना चाहिए,

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

दो पोती दो पोते चाहिए,

खिली रहे फुलवारी, मोहे कुछ ना चाहिए,

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

दो कोठी दो बंगला चाहिए,

घूमन को एक गाड़ी, मोहे कुछ ना चाहिए,

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

दो गज धरती दो गज कपड़ा,

मुक्ति होए हमारी, मोहे कुछ ना चाहिए,

सतगुरु सुनो हमारी मोहे कुछ ना चाहिए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।