खोल आडो खोल मारी घाटा री चामुंडा ये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोल आडो खोल मारी, घाटा री चामुंडा ये,

आयोडा भगता ने दरसन देवो मारी जोग माया ये,

खोल आडो खोल मारी.....

घाटा पे बिराजी चामुंडा, ज्योत थारी जागी,

ढोल ने ढम काढ़े जाग जाओ मारी जोगमाया ये,

खोल आडो खोल मारी.....

सिंह चढ़ी माँ आवो ये भवानी, संग में भेरू लावो ये,

धुप ने धुवाडे हेलो देऊ मारी जोग माया ये,

खोल आडो खोल मारी.....

रात दिन थारी करू ये चाकरी, घाटा री धणियाणी ये,

एक आस बंधावे ,जागण देऊ मारी जोग माया ये,

खोल आडो खोल मारी.....

घाटा री चामुंडा मावड़ी, हेले बेगि आजे ये,

धरम तंवर थाने अरज करे, भगता री आस बंधा जे ये,

खोल आडो खोल मारी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।