मोहन तेरी प्रीत में जोगन बन गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्यामा मेरे प्यारे, मेरे मोहन मेरे प्यारे .......

कृष्णा तेरी ये प्रीत में,

मोहन तेरी ये प्रीत में,

जोगन सी बन गई हूँ मैं,

छोड़ के मोह माया तेरी,

चौखट पे आ गई हूँ मैं,

कृष्णा तेरी ये प्रीत में.....

तेरा नाम जपने से मुझको जन्नत का वो नूर मिले,

नूर की लौ में खुशिया बरसे मन की मुरादें ज़रूर मिले,

तेरे दर से वो ही लौ लेने को आ गई हूँ मैं,

कृष्णा तेरी ये प्रीत में...........

मेरे रोम रोम में तू है बसा, तेरे बिन जीवन है अधूरा,

तेरी रेहमत का साया हैं जहाँ, रोशन हो वहां अँधेरा,

हर जनम तेरा साथ श्यामा पाने को आ गई हूँ मैं,

कृष्णा तेरी ये प्रीत में.............

तेरी अद्भुत लीला है सांवरे शक्ति का अवतार है,

राजा गोहर का जीवन अर्पण चरणों में बारम्बार है,

तुझसे यही वर मांगने फिर से आ गई हूँ मैं,

कृष्णा तेरी ये प्रीत में........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।