मेरा हाथ पकड़ लो बनवारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जमुना में लहर उठे भारी, मेरा हाथ पकड़ लो बनवारी,

मेरा हाथ पकड़ लो बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो बनवारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे पैरों विच आई,

मेरी पायल भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे घोटू विच आई,

मेरी साड़ी भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरी ढूंगे पर आई,

मेरी तगड़ी भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे हाथों पर आई,

मेरी मेहंदी भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे गले विच आई,

मेरा हरवा भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे माथे विच आई,

मेरा टीका भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

जब रे लहर मेरे सर ऊपर आई,

मेरी साड़ी भीगे बनवारी, मेरा हाथ पकड़ लो गिरधारी,

जमुना में लहर उठे भारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।