आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में,

मंदिर में हरि मंदिर में,

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में.....

टूटा फूटा मंदिर मेरा,

उसमें भी प्रभु घोर अंधेरा,

आकर दीप जलाओ मेरे मन मंदिर में,

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में.....

इस मंदिर में बहुत लुटेरे,

जुड़ने नहीं देते सामग्री,

इनको पकड़ो आन मेरे मन मंदिर में,

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में.....

सामग्री कुछ पास नहीं है,

दासी भी गुणवान नहीं हैं,

इनकी सुनो पुकार, मेरे मन मंदिर में,

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में.....

मंदिर मंदिर मूरत तेरी,

कहीं ना दिखे प्रभु सूरत तेरी,

आकर दरस दिखाओ, मेरे मन मंदिर में,

आन बसो श्यामा मेरे मन मंदिर में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।