आजा श्याम गरीबी में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में,

जो सुख मिल जाए हरी भजन में,

वो सुख नहीं अमीरी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

तातो पानी भरी रे बाल्टी,

आजा श्याम गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

अरे जुट को तेरो बनाया सिंहासन,

बैठो श्याम गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

चुनचुन कलियां हार बनाया,

पहनो श्याम गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

पीला पितांबर मलमल धोती,

पहनो श्याम गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

घिस घिस चंदन भरी कटोरी,

तिलक लगाओ गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

रबड़ी को भरो कटोरा,

पियो श्याम गरीबी में,

मेरी टूटी छान टपक रहो पानी,

आजा श्याम गरीबी में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।