नैना लड़ गये श्याम

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैना लड़ गये श्याम सलोने से नैना लड़ गये,

हांजी नैना लड़ गये,

हमसे नैना लड़ गये,

नैना लड़ गये श्याम सलोने से नैना लड़ गये,

दिन नहीं चैन रात नहीं निंदिया ॥

रात नहीं निंदिया ॥

नयी प्रीत से होने से लाला,

नैना लड़ गये,नैना लड़..........

मेरी उनकी प्रीत पुरानी॥

प्रीत पुरानी॥

जबसे आयी मैं गोने से,

नैना लड़ गये,नैना लड़.........

ये रे आ पे तन मन वारु॥

तन मन वारु ॥

नंदबाबा से छोने पे

नैना लड़ गये,नैना लड़.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।