फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर,

नटवर नंद किशोर सखी री छलिया नवल किशोर,

फाग खेलन बरसाने आए हैं....

घेर लई सब रंग रंगीली,

छाए रही छवि छटा छबीली,

सब ढोल मृदंग बजाए हैं रसिया नवल किशोर,

फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर.....

केसर रंग मले गालन पे,

रंग गुलाल भरे बालन में,

अरे इसने हरियल बांस मंगाए हैं नटवर नंद किशोर,

फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर......

जुड़ मिल के सब सखियां आई,

अमर घटा अंबर में छाई,

जिसने अमीर गुलाल उड़ाए हैं रसिया नवल किशोर,

फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।