गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी,

भोला भंडारी मेरा कैलाश वासी,

बैल पे चढ़कर आए गयो रे मेरा भोला भंडारी,

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी....

हंस चढ़े ब्रह्मा जी आए,

गरुड़ चढ़े विष्णु जी आए,

कान्हा भी मुरली बजाए गयो रे मेरा भोला भंडारी,

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी....

नौ करोड़ जोगणिया आई,

शक्तिपीठों से देवीया आई,

शेर पर दुर्गा आ गई रे मेरा भोला भंडारी,

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी....

मंगल शनि चंदा सूरज भी आए,

अपनी-अपनी देवियों को लाए,

भूत प्रेत नचाए गयो रे मेरा भोला भंडारी,

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी....

हाथी शेर गरजते आए,

शिव शंकर के मन को भाए,

सबको मस्त बनाए गयो रे मेरा भोला भंडारी,

गोरा जी को ब्याहने आए गयो रे मेरा भोला भंडारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।