रस भरे रसिया के बड़े रसीले नैना

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रस भरे रसिया के बड़े रसीले नैना,

बड़े रसीले नैना सखियों बड़े रसीले नैना,

रस भरे रसिया के बड़े रसीले नैना.....

नैनो से ये सबको नचावत,

मंद मंद होठो से मुस्कावत,

अपनी अदा से सबको रिझावत,

मुख कुछ बोले ना,

रस भरे.........

पीला पीताम्बर तन पे सुहाये,

देख देख ऋतू राज लजाये,

झलक ना इनकी झेल सके कोई,

जो दिन लगे रेन ,

रस भरे..........

मोर मुकुट माथे पर साजे,

देख देख मन मोरा नाचे,

चल की लत लटके लटकन पे,

राधा के मन की मैन

रस भरे.........

रास बिहारी रास के सागर,

मेरे मन की खाली गागर,

भर के जीवन में रस भर दो,

छेल छबीला कान्हा,

रस भरे.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।