पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ,

दर्शन दे जा भोलेनाथ, दर्शन दे जा भोलेनाथ,

पिंडी फूलों में छुप गयी.....

काय मास देवी पूजे और काय मास भगवान,

काय मास भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाए काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ....

चैत मास देवी पूजा बारह मास भगवान,

फागुन में भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाएं काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

काय से देवी पूजा और काय से भगवान,

काय से भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाए काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

लॉन्ग से देवी पूजे और फूलों से भगवान,

जल चढ़ाई भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाएं काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

काय चढ़े देवी पूजा काहे चढ़े भगवान,

काय चढ़े भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाएं काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

शेर चढ़े देवी पूजे गरुण चढ़े भगवान,

बैल चढ़े भोले पूजे जाते पूर्ण हो जाएं काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

काहे भोग देवी लगे काहे भोग भगवान,

काहे भोग भोले लगे जाते पूर्ण हो जाएं काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

नारियल भोग देवी लगे लड्डू भोग लगे भगवान,

भांग धतूरा भोले को जाते पूर्ण हो जाए काम,

पिंडी फूलों में छुप गयी दर्शन दे जा भोलेनाथ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।