नंदलाल चरण में निशदिन तू प्रीत लगा ले बंदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा,

कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा....

तूने प्रभु का भजन किया ना, सत्संग किया ना दो घड़ियां,

यह यम के दूत लगाकर ले जाएंगे हथकड़ियां,

कौन छुड़वाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा......

इस पेट भरण के खातिर तू पाप कमाता निशदिन,

श्मशान में लकड़ी रखकर तुझे आग लगेगी एक दिन,

भसम हो जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा......

सत्संग की बहती गंगा तो उसमें लगा ले गोता,

वरना दुनिया से जाएगा एक दिन तू रोता रोता,

फिर पछताएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा......

क्यों कहता मेरा मेरा यह चिड़िया रैन बसेरा,

यहां कोई ना रहने पाता यह चंद दिनों का डेरा,

हंस उड़ जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा......

नंदलाल चरण में निशदिन तू प्रीत लगा ले बंदे,

कट जाएंगे सब तेरे यह जन्म-मरण के फंदे,

पार हो जाएगा, कोई नहीं है साथी साथ निभाएगा,

छोड़ कर संसार जब तू जाएगा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।