हर साल लगे दरबार करोली वाली मैया का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हर साल लगे दरबार करोली वाली मैया का,

करोली वाली मैया का, मेरी नैना देवी मईया का,

हर साल लगे दरबार.....

चौरासी जाके के घंटा बाजे,

झालर शंख नगाड़ो बाजे,

नौबत खाने में शोर, करौली वाली मैया के,

हर साल लगे दरबार.....

महिषासुर जाने दानव मारो,

चंड मुंड को या ने मारो,

टैब चामुण्डा कहलाई, करौली वाली मैया री,

हर साल लगे दरबार.....

ओढ़ चुनरिया रूप निराला,

गल सोहे जाके मुण्ड की माला,

तेरी हो रही जै जै कार, करौली वाली मैया के,

हर साल लगे दरबार.....

हम सब तेरे भगत निराले,

भजन तुझे दिन रात सुनावे,

और बोलें जै जै कार, करौली वाली मैया के,

हर साल लगे दरबार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।