तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल,

जय माता की बोल प्यारे क्या लागे तेरा मोल,

तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल......

मैया जी का नाम प्यारे जिसने प्रेम से गाया,

उसको मां शेरावाली ने अपने धाम बुलाया,

उसको मुक्ति मिल जाएगी तू जय माता की बोल,

तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल......

कमा कमा के दौलत तूने भरली खूब तिजोरी,

भूल गया है मिली है तुझको आयु बहुत ही थोड़ी,

माया काम नहीं आएगी तू जय माता की बोल,

तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल......

पांच तत्वों से बनी है मिलकर तेरी सुंदर काया,

विषय भोग में पढ़कर तूने इसको बहुत गवाया,

काया मिट्टी में मिल जाएगी तू जय माता की बोल,

तेरी बिगड़ी बन जाएगी तू जय माता की बोल......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।