जय जय देवा जय गणपति देवा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय देवा, जय गणपति देवा,

माता है गौरी, पिता महादेवा,

मूषक आपकी सवारी है देवा,

माता है गौरी, पिता महादेवा,

जय जय देवा......

एक दन्त दयावन्त, चार भुजाधारी,

लड्डुअन का भोग लगे, मूसे की सवारी,

भोग लगता मोदक और मेवा,

माता है गौरी, पिता महादेवा,

जय जय देवा......

सबसे पहले होता है आपका पूजन,

गणपति बप्पा पुकारे सारे भक्तजन,

ऋषि मुनि संत भक्त करे सेवा,

माता है गौरी, पिता महादेवा,

जय जय देवा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।