जय जय दुर्गा जय जय माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ दुर्गा जय जय दुर्गा,

जय माँ विपत्ति निवारनी,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माँ वो,

जय माँ दुर्गा जय जय माँ,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

जय जय भवतारिनी,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माँ वो,

जय माँ दुर्गा जय जय माँ.....

ब्रह्मा विष्णु महेश्वर की तू ही है महामाया,

दुर्गा माँ दुर्गा जय दुर्गा माँ दुर्गा,

ब्रह्मा विष्णु महेश्वर की तू ही है महामाया,

दया करो ना ममतामयी जय जय दुर्गा माता,

दूर करो ना व्यथा वेदना हे अम्बे भय हारिनी,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

जय जय भवतारिनी,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माँ वो,

जय माँ दुर्गा जय जय माँ.....

माई शरण सबकुछ पाये,

बार बार तेरे दर पे जाये,

दुर्गा माँ दुर्गा जय दुर्गा माँ दुर्गा,

जय जय जय जय दुर्गा माई,

भक्त जो पूजने आयी,

दुर्गा माँ दुर्गा जय दुर्गा माँ दुर्गा,

जय जय जय जय दुर्गा माई,

भक्त जो पूजने आयी,

किसी की नहीं माँ तू सबकी है,

हर कोई दर्शन पाये,

जगत में छायी तेरी महिमा,

जय जय शक्ति हारिनी,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

जय जय भवतारिनी,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माँ वो,

जय माँ दुर्गा जय जय माँ......

क्यूँ हो माँ चुप बोलो ना,

भक्ति के पट खोलो ना,

दुर्गा माँ दुर्गस्य दुर्गा माँ दुर्गस्य,

क्यूँ हो माँ चुप बोलो ना,

भक्ति के पट खोलो ना,

शरण में आये हाथ जोड़के,

ठाढ़े हैं कुछ बोलो ना,

मन में बसो ना रखियो लाज,

वो माँ कष्ट निवारिनी,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

विश्व में है तेरी जय जयकार,

जय जय भवतारिनी,

जय माँ दुर्गा जय जय दुर्गा,

जय माँ विपत्ति निवारिनी,

दुर्गा माँ दुर्गा जय दुर्गा माँ दुर्गा,

जय माँ दुर्गा ,दुर्गा माता जय जय दुर्गा ,जय जय माँ,

दुर्गा माँ दुर्गा जय दुर्गा माँ दुर्गा,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माता,

जय जय दुर्गा जय जय माँ,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माता,

जय जय दुर्गा जय जय माँ,

जय माँ दुर्गा दुर्गा माता,

जय जय दुर्गा जय जय माँ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।