श्याम तेरी माला जपी ना एक बार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला जपी ना एक बार.......

पहली बार माला जपने बैठी,

आ गई पड़ोसन करण लगी बात,

धर दई माला, फेंकन लगी हाथ,

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला.......

दूजी बार माला जपने बैठी,

आ गयी बहुअर पटक दियो लाल,

धर दई माला, खिलाओ मेरो लाल,

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला.......

तीजी बार माला जपने बैठी,

आ गयी बेटी जमाई लेके साथ,

धर दई माला, बिछाने लगी खाट,

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला.......

चौथी बार माला जपने बैठी,

आ गए सैया परोसन लगी थाल,

धर दई माला, करण लगी बात,

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला.......

पांचवी बार माला जपने बैठी,

आ गए दूत पकड़ लियो हाथ,

धर दई माला, चलो मेरे साथ,

तीन बार भोजन, भजन एक बार,

श्याम तेरी माला.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।