हरि का भजन करो करी है हमारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विष्णु भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरि का भजन करो, हरि है हमारा,

हरि के भजन बिन, ना हीं गुजारा

हरि का भजन करो.........

हरि नाम से तेरा काम बनेगा,

हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा,

हरि नाम लेने वाला,

हरि का है प्यारा.....

कोई कहे राधेश्याम, कोई कहे सीताराम,

कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल,

वोही हरि दीन बंधू, वोही हरि करुना सिन्धु,

नमो बारम्बारा,

हरि का भजन करो...........

सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ,

हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ,

वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु,

सब का है प्यारा,

हरि का भजन करो............

दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो,

मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो,

यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ,

हरि का भजन करो.......

भरत कुमार दवथरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।