दर्शन दे जा रे यशोदा जी के लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ठाडे रहियो यशोदा जी के लाल,

कलेवा लायी माखन का....

भरा कटोरा दूध का मिश्री दीनी डार,

भरी मटकिया छाछ की माखन दिया मिलाय,

पिजा पिजा रे यशोदा के लाल, कलेवा लायी माखन का....

छपन भोग छतीसो व्यंजन लायी तेरे द्वार,

गंगाजल और तुलसी दल भी लायी तेरे द्वार,

भोग लगा जा रे यशोदा जी के लाल,कलेवा लायी माखन का....

सुबह शाम मैं मंदिर जाऊ, मंदिर जाके दर्शन पाऊ,

दर्शन दे जा रे यशोदा जी के लाल, कलेवा लायी माखन का....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।