जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय देवा

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी,

तुम्ही दुखियों के हा,

तुम्ही दुखियों के दुखहर्ता सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी......

देवा देवा रची हुई यह सारी सृष्टि,

तुझमे देखु तुझमे देखु,

तुम ही जगत के हो,

तुम ही जगत के हो रखवैया सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी........

मन में लेकर,

मन में आशाओं को लेकर,

द्वार तुम्हारे द्वार तुम्हारे,

जो जन आये,

जो जन आये तुम से कहता सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी.......

ओ

रूप गजानन गौरी नंदन,

हा

रूप गजानन गौरी नंदन,

रूप गजानन गौरी नंदन,

कहलाओ तुम कहलाओ तुम,

तुम हो सबके,

तुम हो सबके भाग्य विधाता सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी.......

स्वामी स्वामी,

तीन लोक के देव देवता,

तुमको पूजे तुमको पूजे,

सबकी करते हो,

सबकी करते हो तुम रक्षा सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी.......

ओ

मेरो हाल तो तुम जानत हो हा,

मेरो हाल तो तुम जानत हो,

मेरो हाल तो तुम जानत हो,

अंतर्यामी अंतर्यामी,

और कहूँ क्या,

और कहूँ क्या तुम से दाता सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी,

तुम्ही दुखियों के,

तुम्ही दुखियों के दुखहर्ता सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी,

जय जय जय श्री गणपती देवा सुनो हमारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।