जिस जिस ने भी दगा किया है जाकर उसका घर देखो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दगा किसी का सगा नहीं है, किया नहीं तो कर देखो,

जिस जिस ने भी दगा किया है जाकर उसका घर देखो,

दगा किसी का सगा नहीं है.....

दगा किया था रावण ने जब साधु भेस बनाया था,

भिक्षा लेने गया था लेकिन सीता ही हर लाया था,

लंका नगरी राख बनाया पल भर में हनुमत देखो,

जिस जिस ने भी दगा किया है जाकर उसका घर देखो.......

कौरव पांडव जुआ खेले शकुनी पासे फेंक रहा,

दुर्योधन की चालाकी को बो नटनागर देख रहा,

बिना शत्रु के बंस मिटाया लीला नटवर की देखो,

जिस जिस ने भी दगा किया है जाकर उसका घर देखो.......

किसी को धोखा देकर प्यारे एक बार खुश हो जाना,

कर्म की अग्नि में जल करके फिर जीवन भर पछताना,

सच्चा सुख पाने की खातिर भला किसी का कर देखो ,

जिस जिस ने भी दगा किया है जाकर उसका घर देखो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।