देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की,

सत्संग की भक्तों कीर्तन की,

कैसी अजब निराली महिमा सत्संग की.......

सत्संग में है मोती हीरे,

मिलते हैं पर धीरे-धीरे,

जिसने खोज निकाली, महिमा सत्संग की,

देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की.......

सत्संग ही सब संकट टारे,

डूबते को सत्संग ही तारे,

सदा रहे खुशहाली, महिमा सत्संग की,

देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की.......

सत्संग उत्तम तीरथ भाई,

करते हैं जो नेक कमाई,

कर्म हीन रहे खाली, महिमा सत्संग की,

देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की.......

सत्संग में सब मिलकर आओ,

जीवन अपना सफल बनाओ,

अंत पिटे नहीं ताली, महिमा सत्संग की,

देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।