खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे,

काटो भक्तों के संकट सारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे....

आज मन में यही हमने ठाना,

तेरे दर से ना दाती है जाना,

दे दो नैनो को अब तू नजारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे,

खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे.....

मन की कलियों से गुथी है माला,

तुमको पहनाएंगे मां ज्वाला,

दे दो दे दो दिलों को सहारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे,

खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे.....

आजा शेरों पर करके सवारी,

पूर्ण कर दो यह आशा हमारी,

तुमने लाखों के कारज संवारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे,

खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे.....

हम तुम्हारी ही करते हैं पूजा,

और तुमसा नहीं कोई दूजा,

चरण धोते हैं गंगा किनारे, आए दर्शन को हम हैं तुम्हारे,

खोलो खोलो मां मंदिर के द्वारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।