कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया,

बन जाऊं रसिया गुण गांव रसिया,

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया....

गुणवान नहीं धनवान नहीं,

कोई बड़ों जगत में मान नहीं,

फिर काहे तोहै रिझाऊं रसिया,

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया.....

कोई जप तप सैयम नियम नहीं,

मेरा गोपियों जैसा प्रेम नहीं,

फिर किस विध तोहै रिझाऊं रसिया,

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया.....

कोई ज्ञान भरा भंडार नहीं,

मेरा मीरा जैसा प्यार नहीं,

फिर कैसा प्यार दिखाऊं रसिया,

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया......

मेरे भीलनी जैसे बेर नहीं,

तेरे आने में तो देर नहीं,

फिर काहे से भोग लगाऊं रसिया,

कहो कैसे तेरी बन जाऊं रसिया.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।