साडू मां का जाया

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॥ पावन पाठ ॥

साडू मां का जाया,

भक्ता के मनडे भाया,

मालासेरी डूंगरी सु,

देव देमली आया,

सखिया मंगल गाया,

फूला सा देव मन भाया॥ मालासेरी .....

लाडूडा बंटवाया,

घेवर तो बटंवाया॥ मालासेरी.....

बगड़ावत कहलाया,

सवाई भोज मन भाया॥ मालासेरी...

चम्पा लाल गुण गाया,

चरणां शीश निमाया॥ मालासेरी

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।