जली है ज्योत ज्वाला की नजारा हम भी देखेंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जली है ज्योत ज्वाला की नजारा हम भी देखेंगे,

नजारा हम भी देखेंगे नजारा तुम भी देखोगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

तेरा दरबार है सुना, भगत मजबूर है इतना,

यह विपदा तुम मिटाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

तेरी यह ज्योत से ज्वाला नूर इतना बरसता है,

दुख सबके मिटाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

देश संकट में मैया जी, छाई है घोर अंधियारी,

उजाला तुम दिखाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

तुम अपने तेज से मैया, रोग जग का मिटाओगी,

जगत में खुशियां लाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

जयकारों की गूंज से मां देश में दौड़ी आओगी,

दरस हमको दिखाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,

जली है ज्योत ज्वाला की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।