एक एकबार सभी संग बीती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दोहा

( समय समय की बात है, समय समय का खेल,

कभी समय बिछड़ावत है, कभी करावे मेल,

एक एकबार सभी संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती।। )

राजतिलक का मुहरत भयो जब,

हुआ वनवास राम संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती.....

राम लखन जब वन को सिधाये,

सीता हरण उनके संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती.....

पांच पांडव और छठी द्रोपती,

चीर हरण उनके संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती.....

सूर्य चंद्रमा रहत गगन में,

ग्रहण लग्यो उनके संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती......

सुर कहे प्रभू अधभूत लीला,

नयन गये हमरे संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती......

एक एकबार सभी संग बीती,

तुम जानो हमरे संग बीती.......

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।