ओ शनि देव

पारंपरिक
महादेव भजन शनि देव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुनोगे तुमको तो सुनाऊंगा,

दिल की ये सारी बात,

ओ शनि देव.....

बन के जोगी तुम आये नन्द गांव,

रिद्धि सिद्धि तब बैठ पीपल की छाव,

खुश होकर कृष्ण ने, कोयल बन दर्शन,

धाम बना कैलाश, कष्ट हरे भगवन,

ओ शनि देव.....

श्रद्धा भक्ति से आये जो सिद्ध धाम,

किरपा करे सब पर, होते पूर्ण काम,

करे सेवा कोई तन से जो भी,

पल में धूल जाए पाप, ना होती देरी,

ओ शनि देव.....

आया सजन दर पे, लेकर मन की आस,

सफल करो प्रभु, जीवन की हर सास,

जो भी दर पे आये वो फल पाए,

कुदृष्टि का प्रकोप, पल में हो जाये अलोप,

ओ शनि देव.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।