माटी में मिले माटी पाणी में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माटी में मिले माटी पाणी में पाणी ,

अरे अभिमानी, अरे अभिमानी,

पाणी के बुलबुला जैसे तेरी ज़िंदगानी,

अरे अभिमानी, अरे अभिमानी.....

भाई बन्दे तेरे काम ना आवे,

कुटुंब कबीला तेरे साथ ना जावे,

संग ना चलेंगे तेरे कोई भी प्राणी,

अरे अभिमानी, अरे अभिमानी.....

रही ना निशानी राजा वज़ीरों की,

एक एक ठाठ जिनके लाख लाख हीरों की,

ढाई गज कपडा या डोली पड़ेगी उठानी,

अरे अभिमानी, अरे अभिमानी.......

खाना और पीना तो पशुओं का काम है,

दो घडी न सत्संग किया करता अभिमान है,

बीती जाएँ यूँ ही तेरी ज़िंदगानी,

अरे अभिमानी, अरे अभिमानी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।