माता वैष्णो दे आये नवरात्रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माता वैष्णो दे आये नवरात्रे,

असी दर उत्ते जावांगे,

माँ दे रज्ज रज्ज दर्शन पा के,

गुण मईया जी दे गावांगे,

माता वैष्णो दे आये नवरात्रे......

शेरावाली मईया मेरी हो गयी दयाल ए,

आये भगता नू मईया करे माला माल ए,

सच्ची श्रद्धा नाल सीस झुकावागे,

माता वैष्णो दे द्वारे,

माता वैष्णो दे आये नवरात्रे......

पिंडी रानी मईया जी दे खेल न्यारे ने,

लखा ही भगत मेरी मईया जी ने तारे ने,

गुण भगता नाल मईया जी दा गावांगे,

माता वैष्णो दे द्वारे,

माता वैष्णो दे आये नवरात्रे......

पंकज पिंका भी हर साल आएगा,

भगता ने नाल माँ दी चौंकी लगाएगा,

सच्ची श्रद्धा नाल सीस झुकावागे,

माता वैष्णो दे द्वारे,

माता वैष्णो दे आये नवरात्रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।