मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे से जल गई

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे में जल गई.....

भूख लगी तो फल मैंने खाऐ,

लंका निश्चर मारने आए,

पूछ मे मेरी आग लगाई,

तब ही हवा ये चल गई,

मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे से जल गई.......

मारता तो प्रभु आज्ञा लेता,

उनकी खाट खड़ी कर देता,

मार ना पाया लंकापति को,

नाथ बात ये खल गई,

मुझको राम जी माफ करना लंका धोखे में जल गई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।