मैया से प्रीति लगा जल्दी जल्दी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी,

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी,

मैया से प्रीति लगा जल्दी जल्दी,

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी......

ये जीवन की घड़ीयां बहुत कीमती है...-2

जो करना है कर के दिखा जल्दी जल्दी....-2

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी......

ना फिर तुझको हासिल ये औकात होगी.....-2

करेगी जो लचार आफत वो होगी.....-2

बढ़ाना कदम जो बढ़ा जल्दी जल्दी,

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी......

ना मकसद अधूरा रहे बन्दगी का....-2

क्या है भरोसा इस जिन्दगी का....-2

जो करना है करके दिखा जल्दी जल्दी

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी......

हुऐ पहलवान भी हुऐ नौजवान भी....-2

सफर सब ने आखिर किया जल्दी जल्दी....-2

जो करना है करके दिखा जल्दी जल्दी,

तू आगे कदम अब बढ़ा जल्दी जल्दी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।