खाटू वाले तेरी नगरी में रंग चढ़ा मस्ती का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले तेरी नगरी में रंग चढ़ा मस्ती का,

तेरे चर्चे मैं सुनके दर पे तेरे आया हूँ,

खाटू वाले तेरी नगरी में...........

तेरी ग्यारस को जो भी दर पे तेरे आता है,

बिन कहे श्याम मेरे सब वो तुझसे पाता है,

करो नज़रे करम, करो रहमो करम, मैं पहली बार आया हूँ,

खाटू वाले तेरी नगरी में...........

नहीं देखा कभी इन आँखों ने नज़ारा है,

सारी दुनिया का स्वर्ग श्याम तेरा द्वारा है,

ना कहीं जाऊँगा सरकार कहने आया हूँ,

खाटू वाले तेरी नगरी में...........

तुम बिन कौन सुनेगा मेरी कहानी को,

नहीं कोई दूसरा करे जो महरबानी वो,

सुनाने हाल ए दिल अपना मैं चलके आया हूँ,

खाटू वाले तेरी नगरी में...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।