डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे,

नाच रहे गण सारे नाच रहे गण सारे,

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे.....

महादेव की लीला है न्यारी,

भक्तों पर कृपा है भारी,

जो जपता नमः शिवाय कटे शंकर सारे,

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे.....

जो भोले की पूजा करता,

भोले भंडारी सब की सुनता,

उन्हें मिल जाएं कार्तिक गणेश दूर हो अंधियारे,

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे.....

जो सोमवार का व्रत है करता,

कुंवारी कन्या को मनवांछित फल मिलता,

खुशियां मिले अपार भरे रहे भंडारे,

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे.....

सब मिल बोलो हर हर महादेवा,

जय शिव शंकर जय महादेवा,

होकर मगन मन आज गूंज रहे जयकारे,

डम डम डमरू बाजे नाच रहे गण सारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।