मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

धोबी मैले कपड़े धोता मैले दिल तू धोयेगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

मालिन बन के तू धरती पे बीज ज्ञान के बोयेगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

धोबी मैले कपड़े धोता मैले दिल तू धोयेगी......

गंगा युमना सरस्वती भी तेरे ही तो नाम माँ,

आठो पैर माँ क्षुधा लुटाना तेरा अदभुत काम माँ,

मूङ गवांर नादानो को तू विद्वान बना देती,

तेरी मौज बबुल के भी मीठ्ठे आम लगा देती,

तु है पार लगाने वाली नैया नही डुबोयेगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

धोबी मैले कपड़े धोता मैले दिल तू धोयेगी......

तेरा नाम हैै मानसरोवर सभी देवता कहते है,

श्रद्धा लगन के हंस भवानी यहाँ पे मोती चुनते है,

कामधेनु है पास तुमहारे जग को दूध पिलाती माँ,

तेरी कृपामयी से नजर से तर गई पापी दुनिया माँ,

अब भी मेरे लिऐ तु माता ममता पुष्प पिरोऐगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

धोबी मैले कपड़े धोता मैले दिल तू धोयेगी......

जो भी भक्त तेरी भक्ती करते तुम्हे ना कभी भुलाते है,

उनकी कुटीया की जगह पर शीश महल बन जाते है,

मुझे भी माँ तुझ पर भरोसा मेरी भी बिगङी बना दोगी,

कभी भटकने ना दोगी मजिंल तक पहुचा दोगी,

व्याकुल बच्चा जब तक जागे तू भी माँ न सोयेगी,

मेरी चौरासी कट जायेगी दया तेरी जब होयेगी,

धोबी मैले कपड़े धोता मैले दिल तू धोयेगी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।