मईया तेरे नाम के दीवाने हो गये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये,

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये,

मईया तेरे नाम के दीवाने हो गये,

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये.......

तेरे बिन दिल कही लगता नहीं,

मन का चिराग मेरा जगता नहीं,

सारी दुनिया से बेगाने हो गये,

मईया तेरे नाम के दीवाने हो गये,

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये.......

तेरे बिना मैया मुझे कुछ भाता नहीं,

चैन मेरे दिल को भी आता नहीं,

लबो पे तेरे ही तराने हो गये,

मईया तेरे नाम के दीवाने हो गये,

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये.......

हम सब तेरे बच्चे है माईए,

अक्लो के थोड़े थोड़े कच्चे है मईया,

पुरण ये मन के अफ़साने हो गये,

मईया तेरे नाम के दीवाने हो गये,

मस्ती में रंग मस्ताने हो गये........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।